मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामला एमपी हाईकोर्ट को ट्रांसफर करते हुए अंतिम निर्णय लेने को कहा है।
मध्य प्रदेश ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार का कोई भी वकील मौजूद नहीं रहा। कोर्ट ने इस रवैये पर खेद जताया है। अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को होगी।
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर चल रहे विवाद पर 14 अगस्त को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। राज्य सरकार इस दौरान अपना जवाब पेश करेगी।
27% आरक्षण को लेकर ओबीसी महासभा ने भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े। जानें क्या हैं उनकी मुख्य मांगें और क्यों होल्ड किए गए 13% आरक्षण पर मचा है बवाल।
मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण और 13% होल्ड पदों पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सरकार ने माना नोटिफिकेशन गलत था, अगली सुनवाई 2 हफ्ते बाद। क्रियान्वयन आदेश पर स्टे हटाने की भी मांग।
मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण लागू न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी। राज्य सरकार को 4 जुलाई तक जवाब देने का निर्देश। लाखों उम्मीदवारों को 6 साल से है इंतजार।


















